8 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:23 तक), नक्षत्र अश्विनी (01:14, 9 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 12:04 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:23
रात 05:44 तक
तिथि
द्वितीया, 04:53 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 01:14 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:45 – 07:20शुभ
अमृत07:20 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:29टालें
शुभ10:29 – 12:04शुभ
रोग12:04 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:13टालें
चर15:13 – 16:48सामान्य
लाभ16:48 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:23 – 19:48टालें
शुभ19:48 – 21:13शुभ
अमृत21:13 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:28टालें
काल01:28 – 02:54टालें
लाभ02:54 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:44टालें

8 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:23 तक
कृष्ण द्वितीया 04:53, 9 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 01:24, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 01:14, 9 अक्टू॰ तक
भरणी 22:32, 9 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 08:05 तक
हर्षण 04:02, 9 अक्टू॰ तक
वज्रअशुभ 00:02, 10 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 08:23 तक
तैतिल 18:38 तक
गर 04:53, 9 अक्टू॰ तक
वणिज 15:08, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
19:52
चंद्रास्त
06:05
दिनमान
12h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:04 – 13:39
यमगंड
07:20 – 08:54
गुलिक काल
10:29 – 12:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4506:48दिन
चंद्र06:4807:51दिन
शनि07:5108:54दिन
गुरु08:5409:58दिन
मंगल09:5811:01दिन
सूर्य11:0112:04दिन
शुक्र12:0413:07दिन
बुध13:0714:10दिन
चंद्र14:1015:13दिन
शनि15:1316:16दिन
गुरु16:1617:20दिन
मंगल17:2018:23दिन
सूर्य18:2319:19रात
शुक्र19:1920:16रात
बुध20:1621:13रात
चंद्र21:1322:10रात
शनि22:1023:06रात
गुरु23:0600:03रात
मंगल00:0301:00रात
सूर्य01:0001:57रात
शुक्र01:5702:54रात
बुध02:5403:50रात
चंद्र03:5004:47रात
शनि04:4705:44रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।