10 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:08 तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:01 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 10:28 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:24
रात 05:41 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:08 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:01 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:43 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 08:53शुभ
अमृत08:53 – 10:28शुभ
काल10:28 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 16:49टालें
चर16:49 – 18:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:24 – 19:49टालें
काल19:49 – 21:13टालें
लाभ21:13 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:03टालें
शुभ00:03 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 02:52शुभ
चर02:52 – 04:17सामान्य
रोग04:17 – 05:41टालें

10 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:08 तक
कृष्ण पंचमी 19:13, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:50, 11 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 20:11 तक
व्यतीपातअशुभ 16:37, 11 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:44 तक
बालव 22:08 तक
कौलव 08:38, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
22:22
चंद्रास्त
07:27
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:28 – 12:03
यमगंड
15:14 – 16:49
गुलिक काल
07:18 – 08:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4306:46दिन
बुध06:4607:49दिन
चंद्र07:4908:53दिन
शनि08:5309:56दिन
गुरु09:5611:00दिन
मंगल11:0012:03दिन
सूर्य12:0313:07दिन
शुक्र13:0714:10दिन
बुध14:1015:14दिन
चंद्र15:1416:17दिन
शनि16:1717:21दिन
गुरु17:2118:24दिन
मंगल18:2419:21रात
सूर्य19:2120:17रात
शुक्र20:1721:13रात
बुध21:1322:10रात
चंद्र22:1023:06रात
शनि23:0600:03रात
गुरु00:0300:59रात
मंगल00:5901:56रात
सूर्य01:5602:52रात
शुक्र02:5203:48रात
बुध03:4804:45रात
चंद्र04:4505:41रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।