13 नवंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 13 नवंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 13 नवंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (02:04, 14 नव॰ तक), नक्षत्र मघा (22:08 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:52
रात 05:09 तक
तिथि
नवमी, 02:04 तक
दशमी
नक्षत्र
मघा, 22:08 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:09 – 06:52शुभ
रोग06:52 – 08:35टालें
उद्वेग08:35 – 10:18टालें
चर10:18 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:26शुभ
काल15:26 – 17:09टालें
शुभ17:09 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:52 – 20:09शुभ
चर20:09 – 21:26सामान्य
रोग21:26 – 22:43टालें
काल22:43 – 00:00टालें
लाभ00:00 – 01:17शुभ
उद्वेग01:17 – 02:35टालें
शुभ02:35 – 03:52शुभ
अमृत03:52 – 05:09शुभ

13 नवंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 02:04, 14 नव॰ तक
कृष्ण दशमी 03:20, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:08 तक
योग
ब्रह्म 09:27 तक
इंद्र 08:57, 14 नव॰ तक
करण
तैतिल 13:41 तक
गर 02:04, 14 नव॰ तक
वणिज 14:37, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
01:22
चंद्रास्त
12:35
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:26
यमगंड
05:09 – 06:52
गुलिक काल
08:35 – 10:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0906:18दिन
मंगल06:1807:26दिन
सूर्य07:2608:35दिन
शुक्र08:3509:44दिन
बुध09:4410:52दिन
चंद्र10:5212:01दिन
शनि12:0113:09दिन
गुरु13:0914:18दिन
मंगल14:1815:26दिन
सूर्य15:2616:35दिन
शुक्र16:3517:43दिन
बुध17:4318:52दिन
चंद्र18:5219:43रात
शनि19:4320:34रात
गुरु20:3421:26रात
मंगल21:2622:17रात
सूर्य22:1723:09रात
शुक्र23:0900:00रात
बुध00:0000:52रात
चंद्र00:5201:43रात
शनि01:4302:35रात
गुरु02:3503:26रात
मंगल03:2604:17रात
सूर्य04:1705:09रात

अयनांश 24.2184° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।