17 नवंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 17 नवंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 17 नवंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (07:18 तक), नक्षत्र चित्रा (07:31, 18 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 06:51 से 08:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 18:55
रात 05:07 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:07 – 06:51शुभ
काल06:51 – 08:34टालें
शुभ08:34 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:45टालें
चर13:45 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:28टालें
काल21:28 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:17टालें
शुभ01:17 – 02:34शुभ
अमृत02:34 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:07सामान्य

17 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 07:18 तक
कृष्ण त्रयोदशी 09:42, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 07:31, 18 नव॰ तक
योग
प्रीति 09:52 तक
आयुष्मान 10:39, 18 नव॰ तक
करण
तैतिल 07:18 तक
गर 20:29 तक
वणिज 09:42, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 18:05 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
03:07
चंद्रास्त
16:21
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
06:51 – 08:34
यमगंड
10:18 – 12:01
गुलिक काल
13:45 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0706:16दिन
शनि06:1607:25दिन
गुरु07:2508:34दिन
मंगल08:3409:43दिन
सूर्य09:4310:52दिन
शुक्र10:5212:01दिन
बुध12:0113:10दिन
चंद्र13:1014:19दिन
शनि14:1915:28दिन
गुरु15:2816:37दिन
मंगल16:3717:46दिन
सूर्य17:4618:55दिन
शुक्र18:5519:46रात
बुध19:4620:37रात
चंद्र20:3721:28रात
शनि21:2822:19रात
गुरु22:1923:10रात
मंगल23:1000:01रात
सूर्य00:0100:52रात
शुक्र00:5201:43रात
बुध01:4302:34रात
चंद्र02:3403:25रात
शनि03:2504:16रात
गुरु04:1605:07रात

अयनांश 24.2185° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।