23 दिसंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:43 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (08:02 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:08 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 15:49 से 17:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:08 – 19:22
रात 05:08 तक
तिथि
तृतीया, 14:43 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:08 – 06:55टालें
उद्वेग06:55 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:28सामान्य
लाभ10:28 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 14:02शुभ
काल14:02 – 15:49टालें
शुभ15:49 – 17:36शुभ
रोग17:36 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:22 – 20:36टालें
लाभ20:36 – 21:49शुभ
उद्वेग21:49 – 23:02टालें
शुभ23:02 – 00:15शुभ
अमृत00:15 – 01:29शुभ
चर01:29 – 02:42सामान्य
रोग02:42 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:08टालें

23 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:43 तक
शुक्ल चतुर्थी 15:41, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:37, 24 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 19:00 तक
हर्षण 18:32, 24 दिस॰ तक
करण
गर 14:43 तक
वणिज 03:15, 24 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:41, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
07:39
चंद्रास्त
21:56
दिनमान
14h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
15:49 – 17:36
यमगंड
08:41 – 10:28
गुलिक काल
12:15 – 14:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0806:19दिन
सूर्य06:1907:30दिन
शुक्र07:3008:41दिन
बुध08:4109:53दिन
चंद्र09:5311:04दिन
शनि11:0412:15दिन
गुरु12:1513:26दिन
मंगल13:2614:38दिन
सूर्य14:3815:49दिन
शुक्र15:4917:00दिन
बुध17:0018:11दिन
चंद्र18:1119:22दिन
शनि19:2220:11रात
गुरु20:1121:00रात
मंगल21:0021:49रात
सूर्य21:4922:38रात
शुक्र22:3823:27रात
बुध23:2700:15रात
चंद्र00:1501:04रात
शनि01:0401:53रात
गुरु01:5302:42रात
मंगल02:4203:31रात
सूर्य03:3104:19रात
शुक्र04:1905:08रात

अयनांश 24.2199° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।