29 दिसंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 29 दिसंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (12:42 तक), नक्षत्र रेवती (10:11 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 06:58 से 08:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 19:25
रात 05:12 तक
तिथि
नवमी, 12:42 तक
दशमी
नक्षत्र
रेवती, 10:11 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:11 – 06:58शुभ
काल06:58 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 14:05टालें
चर14:05 – 15:51सामान्य
लाभ15:51 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:25 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:05टालें
लाभ23:05 – 00:18शुभ
उद्वेग00:18 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 02:45शुभ
अमृत02:45 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:12सामान्य

29 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 12:42 तक
शुक्ल दशमी 10:21, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:11 तक
अश्विनी 08:34, 30 दिस॰ तक
योग
परिघअशुभ 10:06 तक
शिव 07:01, 30 दिस॰ तक
करण
कौलव 12:42 तक
तैतिल 23:36 तक
गर 10:21, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 10:11 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
13:52
चंद्रास्त
00:24
दिनमान
14h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
06:58 – 08:45
यमगंड
10:31 – 12:18
गुलिक काल
14:05 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1106:22दिन
शनि06:2207:34दिन
गुरु07:3408:45दिन
मंगल08:4509:56दिन
सूर्य09:5611:07दिन
शुक्र11:0712:18दिन
बुध12:1813:29दिन
चंद्र13:2914:40दिन
शनि14:4015:51दिन
गुरु15:5117:02दिन
मंगल17:0218:14दिन
सूर्य18:1419:25दिन
शुक्र19:2520:14रात
बुध20:1421:03रात
चंद्र21:0321:51रात
शनि21:5122:40रात
गुरु22:4023:29रात
मंगल23:2900:18रात
सूर्य00:1801:07रात
शुक्र01:0701:56रात
बुध01:5602:45रात
चंद्र02:4503:34रात
शनि03:3404:23रात
गुरु04:2305:12रात

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।