3 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 3 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 3 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (18:02 तक), नक्षत्र आर्द्रा (19:58 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 19:26
रात 05:16 तक
तिथि
पूर्णिमा, 18:02 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रा, 19:58 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:15 – 07:01टालें
शुभ07:01 – 08:48शुभ
रोग08:48 – 10:34टालें
उद्वेग10:34 – 12:20टालें
चर12:20 – 14:07सामान्य
लाभ14:07 – 15:53शुभ
अमृत15:53 – 17:39शुभ
काल17:39 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:26 – 20:39शुभ
उद्वेग20:39 – 21:53टालें
शुभ21:53 – 23:07शुभ
अमृत23:07 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:34सामान्य
रोग01:34 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:02टालें
लाभ04:02 – 05:16शुभ

3 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 18:02 तक
कृष्ण प्रतिपदा 15:00, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 17:41, 4 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 11:35 तक
इंद्र 07:45, 4 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:41 तक
बव 18:02 तक
बालव 04:28, 4 जन॰ तक
कौलव 15:00, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
19:41
चंद्रास्त
04:28
दिनमान
14h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:34
यमगंड
14:07 – 15:53
गुलिक काल
05:15 – 07:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1506:26दिन
गुरु06:2607:37दिन
मंगल07:3708:48दिन
सूर्य08:4809:58दिन
शुक्र09:5811:09दिन
बुध11:0912:20दिन
चंद्र12:2013:31दिन
शनि13:3114:42दिन
गुरु14:4215:53दिन
मंगल15:5317:04दिन
सूर्य17:0418:15दिन
शुक्र18:1519:26दिन
बुध19:2620:15रात
चंद्र20:1521:04रात
शनि21:0421:53रात
गुरु21:5322:42रात
मंगल22:4223:32रात
सूर्य23:3200:21रात
शुक्र00:2101:10रात
बुध01:1001:59रात
चंद्र01:5902:48रात
शनि02:4803:37रात
गुरु03:3704:26रात
मंगल04:2605:16रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।