4 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 4 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 4 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (15:00 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (17:41 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 17:40 से 19:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 19:26
रात 05:16 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 17:41 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:16 – 07:02टालें
चर07:02 – 08:48सामान्य
लाभ08:48 – 10:34शुभ
अमृत10:34 – 12:21शुभ
काल12:21 – 14:07टालें
शुभ14:07 – 15:53शुभ
रोग15:53 – 17:40टालें
उद्वेग17:40 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:26 – 20:40शुभ
अमृत20:40 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:07सामान्य
रोग23:07 – 00:21टालें
काल00:21 – 01:35टालें
लाभ01:35 – 02:49शुभ
उद्वेग02:49 – 04:03टालें
शुभ04:03 – 05:16शुभ

4 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 15:00 तक
कृष्ण द्वितीया 12:27, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:55, 5 जन॰ तक
योग
इंद्र 07:45 तक
वैधृतिअशुभ 04:17, 5 जन॰ तक
विष्कंभअशुभ 01:17, 6 जन॰ तक
करण
कौलव 15:00 तक
तैतिल 01:39, 5 जन॰ तक
गर 12:27, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 12:13 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
20:32
चंद्रास्त
05:41
दिनमान
14h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
17:40 – 19:26
यमगंड
12:21 – 14:07
गुलिक काल
15:53 – 17:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1606:26दिन
शुक्र06:2607:37दिन
बुध07:3708:48दिन
चंद्र08:4809:59दिन
शनि09:5911:10दिन
गुरु11:1012:21दिन
मंगल12:2113:32दिन
सूर्य13:3214:42दिन
शुक्र14:4215:53दिन
बुध15:5317:04दिन
चंद्र17:0418:15दिन
शनि18:1519:26दिन
गुरु19:2620:15रात
मंगल20:1521:04रात
सूर्य21:0421:54रात
शुक्र21:5422:43रात
बुध22:4323:32रात
चंद्र23:3200:21रात
शनि00:2101:10रात
गुरु01:1002:00रात
मंगल02:0002:49रात
सूर्य02:4903:38रात
शुक्र03:3804:27रात
बुध04:2705:16रात

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।