14 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 14 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 14 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (20:23 तक), नक्षत्र अनुराधा (05:33, 15 जन॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 12:25 से 14:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:26
रात 05:25 तक
तिथि
एकादशी, 20:23 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:24 – 07:09शुभ
अमृत07:09 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:40टालें
शुभ10:40 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 14:10टालें
उद्वेग14:10 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:40सामान्य
लाभ17:40 – 19:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:26 – 20:41टालें
शुभ20:41 – 21:55शुभ
अमृत21:55 – 23:10शुभ
चर23:10 – 00:25सामान्य
रोग00:25 – 01:40टालें
काल01:40 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:10शुभ
उद्वेग04:10 – 05:25टालें

14 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 20:23 तक
कृष्ण द्वादशी 22:47, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 05:33, 15 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 22:25 तक
वृद्धि 23:08, 15 जन॰ तक
करण
बव 07:06 तक
बालव 20:23 तक
कौलव 09:37, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
01:12
चंद्रास्त
15:56
दिनमान
14h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 14:10
यमगंड
07:09 – 08:54
गुलिक काल
10:40 – 12:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2406:34दिन
चंद्र06:3407:44दिन
शनि07:4408:54दिन
गुरु08:5410:05दिन
मंगल10:0511:15दिन
सूर्य11:1512:25दिन
शुक्र12:2513:35दिन
बुध13:3514:45दिन
चंद्र14:4515:55दिन
शनि15:5517:05दिन
गुरु17:0518:15दिन
मंगल18:1519:26दिन
सूर्य19:2620:16रात
शुक्र20:1621:05रात
बुध21:0521:55रात
चंद्र21:5522:45रात
शनि22:4523:35रात
गुरु23:3500:25रात
मंगल00:2501:15रात
सूर्य01:1502:05रात
शुक्र02:0502:55रात
बुध02:5503:45रात
चंद्र03:4504:35रात
शनि04:3505:25रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।