16 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (00:52, 17 जन॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:17 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:25
रात 05:27 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:52 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 07:11सामान्य
लाभ07:11 – 08:56शुभ
अमृत08:56 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:26टालें
शुभ12:26 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:55टालें
उद्वेग15:55 – 17:40टालें
चर17:40 – 19:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:25 – 20:40टालें
काल20:40 – 21:56टालें
लाभ21:56 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:26टालें
शुभ00:26 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:12सामान्य
रोग04:12 – 05:27टालें

16 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 00:52, 17 जन॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 02:34, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:42, 17 जन॰ तक
योग
ध्रुव 23:36 तक
व्याघातअशुभ 23:48, 17 जन॰ तक
करण
गर 11:52 तक
वणिज 00:52, 17 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:46, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
02:39
चंद्रास्त
17:46
दिनमान
13h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:26
यमगंड
15:55 – 17:40
गुलिक काल
07:11 – 08:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:36दिन
बुध06:3607:46दिन
चंद्र07:4608:56दिन
शनि08:5610:06दिन
गुरु10:0611:16दिन
मंगल11:1612:26दिन
सूर्य12:2613:35दिन
शुक्र13:3514:45दिन
बुध14:4515:55दिन
चंद्र15:5517:05दिन
शनि17:0518:15दिन
गुरु18:1519:25दिन
मंगल19:2520:15रात
सूर्य20:1521:05रात
शुक्र21:0521:56रात
बुध21:5622:46रात
चंद्र22:4623:36रात
शनि23:3600:26रात
गुरु00:2601:16रात
मंगल01:1602:06रात
सूर्य02:0602:56रात
शुक्र02:5603:46रात
बुध03:4604:37रात
चंद्र04:3705:27रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।