26 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 26 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 26 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (23:48 तक), नक्षत्र अश्विनी (15:03 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 07:18 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 19:21
रात 05:36 तक
तिथि
अष्टमी, 23:48 तक
नवमी
नक्षत्र
अश्विनी, 15:03 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:35 – 07:18शुभ
काल07:18 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:45शुभ
रोग10:45 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 14:12टालें
चर14:12 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:21 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:12टालें
लाभ23:12 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:19शुभ
चर04:19 – 05:36सामान्य

26 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 23:48 तक
शुक्ल नवमी 21:35, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 13:39, 27 जन॰ तक
योग
साध्य 11:41 तक
शुभ 08:49, 27 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:47 तक
बव 23:48 तक
बालव 10:44, 27 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
12:51
चंद्रास्त
23:33
दिनमान
13h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
07:18 – 09:02
यमगंड
10:45 – 12:28
गुलिक काल
14:12 – 15:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3506:44दिन
शनि06:4407:53दिन
गुरु07:5309:02दिन
मंगल09:0210:11दिन
सूर्य10:1111:19दिन
शुक्र11:1912:28दिन
बुध12:2813:37दिन
चंद्र13:3714:46दिन
शनि14:4615:55दिन
गुरु15:5517:04दिन
मंगल17:0418:13दिन
सूर्य18:1319:21दिन
शुक्र19:2120:13रात
बुध20:1321:04रात
चंद्र21:0421:55रात
शनि21:5522:46रात
गुरु22:4623:38रात
मंगल23:3800:29रात
सूर्य00:2901:20रात
शुक्र01:2002:11रात
बुध02:1103:02रात
चंद्र03:0203:54रात
शनि03:5404:45रात
गुरु04:4505:36रात

अयनांश 24.2212° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।