31 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 31 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 31 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (10:56 तक), नक्षत्र आर्द्रा (05:57 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:18 पर है। राहुकाल 09:05 से 10:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 19:18
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:56 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:04 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:40 – 07:22टालें
शुभ07:22 – 09:05शुभ
रोग09:05 – 10:47टालें
उद्वेग10:47 – 12:29टालें
चर12:29 – 14:12सामान्य
लाभ14:12 – 15:54शुभ
अमृत15:54 – 17:36शुभ
काल17:36 – 19:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:18 – 20:36शुभ
उद्वेग20:36 – 21:54टालें
शुभ21:54 – 23:12शुभ
अमृत23:12 – 00:30शुभ
चर00:30 – 01:47सामान्य
रोग01:47 – 03:05टालें
काल03:05 – 04:23टालें
लाभ04:23 – 05:41शुभ

31 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 10:56 तक
शुक्ल चतुर्दशी 08:23, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:04, 1 फ़र॰ तक
पुष्य 02:28, 2 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 16:03 तक
प्रीति 12:48, 1 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 10:56 तक
गर 21:37 तक
वणिज 08:23, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:31 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:18
चंद्रोदय
18:20
चंद्रास्त
03:17
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:05 – 10:47
यमगंड
14:12 – 15:54
गुलिक काल
05:40 – 07:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4006:48दिन
गुरु06:4807:56दिन
मंगल07:5609:05दिन
सूर्य09:0510:13दिन
शुक्र10:1311:21दिन
बुध11:2112:29दिन
चंद्र12:2913:37दिन
शनि13:3714:46दिन
गुरु14:4615:54दिन
मंगल15:5417:02दिन
सूर्य17:0218:10दिन
शुक्र18:1019:18दिन
बुध19:1820:10रात
चंद्र20:1021:02रात
शनि21:0221:54रात
गुरु21:5422:46रात
मंगल22:4623:38रात
सूर्य23:3800:30रात
शुक्र00:3001:22रात
बुध01:2202:13रात
चंद्र02:1303:05रात
शनि03:0503:57रात
गुरु03:5704:49रात
मंगल04:4905:41रात

अयनांश 24.2214° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।