3 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (03:11, 4 फ़र॰ तक), नक्षत्र मघा (00:40, 4 फ़र॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 19:16
रात 05:44 तक
तिथि
द्वितीया, 03:11 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा, 00:40 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:43 – 07:24टालें
उद्वेग07:24 – 09:06टालें
चर09:06 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 12:30शुभ
अमृत12:30 – 14:11शुभ
काल14:11 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:35शुभ
रोग17:35 – 19:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:16 – 20:35टालें
लाभ20:35 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:12टालें
शुभ23:12 – 00:30शुभ
अमृत00:30 – 01:48शुभ
चर01:48 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:25टालें
काल04:25 – 05:44टालें

3 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 03:11, 4 फ़र॰ तक
कृष्ण तृतीया 02:40, 5 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 00:40, 4 फ़र॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 00:42, 5 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 07:15 तक
शोभन 05:09, 4 फ़र॰ तक
अतिगंडअशुभ 03:34, 5 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 15:42 तक
गर 03:11, 4 फ़र॰ तक
वणिज 14:50, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
20:15
चंद्रास्त
06:49
दिनमान
13h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:35
यमगंड
09:06 – 10:48
गुलिक काल
12:30 – 14:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4306:51दिन
सूर्य06:5107:58दिन
शुक्र07:5809:06दिन
बुध09:0610:14दिन
चंद्र10:1411:22दिन
शनि11:2212:30दिन
गुरु12:3013:37दिन
मंगल13:3714:45दिन
सूर्य14:4515:53दिन
शुक्र15:5317:01दिन
बुध17:0118:09दिन
चंद्र18:0919:16दिन
शनि19:1620:09रात
गुरु20:0921:01रात
मंगल21:0121:53रात
सूर्य21:5322:45रात
शुक्र22:4523:38रात
बुध23:3800:30रात
चंद्र00:3001:22रात
शनि01:2202:15रात
गुरु02:1503:07रात
मंगल03:0703:59रात
सूर्य03:5904:51रात
शुक्र04:5105:44रात

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।