5 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (02:52, 6 फ़र॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (01:27, 6 फ़र॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 19:15 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 19:15
रात 05:45 तक
तिथि
चतुर्थी, 02:52 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 01:27 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:26शुभ
रोग07:26 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:34टालें
शुभ17:34 – 19:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:15 – 20:34शुभ
चर20:34 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:11टालें
काल23:11 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 01:49शुभ
उद्वेग01:49 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:27शुभ
अमृत04:27 – 05:45शुभ

5 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 02:52, 6 फ़र॰ तक
कृष्ण पंचमी 03:49, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 01:27, 6 फ़र॰ तक
हस्त 02:54, 7 फ़र॰ तक
योग
सुकर्मा 02:34, 6 फ़र॰ तक
धृति 02:07, 7 फ़र॰ तक
करण
बव 14:40 तक
बालव 02:52, 6 फ़र॰ तक
कौलव 15:15, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 06:50 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
19:15
चंद्रोदय
21:11
चंद्रास्त
08:54
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:52
यमगंड
05:45 – 07:26
गुलिक काल
09:07 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:52दिन
मंगल06:5208:00दिन
सूर्य08:0009:07दिन
शुक्र09:0710:15दिन
बुध10:1511:22दिन
चंद्र11:2212:30दिन
शनि12:3013:37दिन
गुरु13:3714:45दिन
मंगल14:4515:52दिन
सूर्य15:5217:00दिन
शुक्र17:0018:07दिन
बुध18:0719:15दिन
चंद्र19:1520:07रात
शनि20:0721:00रात
गुरु21:0021:53रात
मंगल21:5322:45रात
सूर्य22:4523:38रात
शुक्र23:3800:30रात
बुध00:3001:23रात
चंद्र01:2302:15रात
शनि02:1503:08रात
गुरु03:0804:00रात
मंगल04:0004:53रात
सूर्य04:5305:45रात

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।