19 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (18:29 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (23:22 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 14:08 से 15:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 19:02
रात 05:58 तक
तिथि
द्वितीया, 18:29 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 23:22 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:46शुभ
काल15:46 – 17:24टालें
शुभ17:24 – 19:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:02 – 20:24शुभ
चर20:24 – 21:46सामान्य
रोग21:46 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:14टालें
शुभ03:14 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 05:58शुभ

19 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 18:29 तक
शुक्ल तृतीया 17:08, 20 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 22:37, 20 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 23:12 तक
साध्य 20:53, 20 फ़र॰ तक
करण
बालव 07:01 तक
कौलव 18:29 तक
तैतिल 05:51, 20 फ़र॰ तक
गर 17:08, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 17:30 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
07:28
चंद्रास्त
20:00
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:08 – 15:46
यमगंड
05:57 – 07:35
गुलिक काल
09:13 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5707:02दिन
मंगल07:0208:08दिन
सूर्य08:0809:13दिन
शुक्र09:1310:19दिन
बुध10:1911:24दिन
चंद्र11:2412:30दिन
शनि12:3013:35दिन
गुरु13:3514:40दिन
मंगल14:4015:46दिन
सूर्य15:4616:51दिन
शुक्र16:5117:57दिन
बुध17:5719:02दिन
चंद्र19:0219:57रात
शनि19:5720:51रात
गुरु20:5121:46रात
मंगल21:4622:41रात
सूर्य22:4123:35रात
शुक्र23:3500:30रात
बुध00:3001:25रात
चंद्र01:2502:19रात
शनि02:1903:14रात
गुरु03:1404:09रात
मंगल04:0905:03रात
सूर्य05:0305:58रात

अयनांश 24.2221° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।