20 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (17:08 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:37 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 19:01
रात 05:59 तक
तिथि
तृतीया, 17:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:37 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:58 – 07:36सामान्य
लाभ07:36 – 09:14शुभ
अमृत09:14 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:30टालें
शुभ12:30 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:45टालें
उद्वेग15:45 – 17:23टालें
चर17:23 – 19:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:01 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:08शुभ
उद्वेग23:08 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 01:52शुभ
अमृत01:52 – 03:14शुभ
चर03:14 – 04:36सामान्य
रोग04:36 – 05:59टालें

20 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 17:08 तक
शुक्ल चतुर्थी 15:31, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 21:37, 21 फ़र॰ तक
योग
साध्य 20:53 तक
शुभ 18:21, 21 फ़र॰ तक
करण
गर 17:08 तक
वणिज 04:22, 21 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:31, 21 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
08:31
चंद्रास्त
20:29
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:30
यमगंड
15:45 – 17:23
गुलिक काल
07:36 – 09:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5807:03दिन
बुध07:0308:08दिन
चंद्र08:0809:14दिन
शनि09:1410:19दिन
गुरु10:1911:24दिन
मंगल11:2412:30दिन
सूर्य12:3013:35दिन
शुक्र13:3514:40दिन
बुध14:4015:45दिन
चंद्र15:4516:51दिन
शनि16:5117:56दिन
गुरु17:5619:01दिन
मंगल19:0119:56रात
सूर्य19:5620:51रात
शुक्र20:5121:46रात
बुध21:4622:40रात
चंद्र22:4023:35रात
शनि23:3500:30रात
गुरु00:3001:25रात
मंगल01:2502:20रात
सूर्य02:2003:14रात
शुक्र03:1404:09रात
बुध04:0905:04रात
चंद्र05:0405:59रात

अयनांश 24.2222° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।