12 मार्च 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 12 मार्च 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 12 मार्च 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (06:49 तक), नक्षत्र मूल (03:13, 13 मार्च तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:38
रात 06:14 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
मूल, 03:13 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:13 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:19टालें
उद्वेग09:19 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:32शुभ
काल15:32 – 17:05टालें
शुभ17:05 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:38 – 20:05शुभ
चर20:05 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:26टालें
लाभ00:26 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:20टालें
शुभ03:20 – 04:47शुभ
अमृत04:47 – 06:14शुभ

12 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 06:49 तक
कृष्ण नवमी 08:59, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 03:13, 13 मार्च तक
पूर्वाषाढ़ा 05:33, 14 मार्च तक
योग
सिद्धि 12:28 तक
व्यतीपातअशुभ 13:01, 13 मार्च तक
करण
कौलव 06:49 तक
तैतिल 19:57 तक
गर 08:59, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:19
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:32
यमगंड
06:13 – 07:46
गुलिक काल
09:19 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1307:15दिन
मंगल07:1508:17दिन
सूर्य08:1709:19दिन
शुक्र09:1910:22दिन
बुध10:2211:24दिन
चंद्र11:2412:26दिन
शनि12:2613:28दिन
गुरु13:2814:30दिन
मंगल14:3015:32दिन
सूर्य15:3216:34दिन
शुक्र16:3417:36दिन
बुध17:3618:38दिन
चंद्र18:3819:36रात
शनि19:3620:34रात
गुरु20:3421:32रात
मंगल21:3222:30रात
सूर्य22:3023:28रात
शुक्र23:2800:26रात
बुध00:2601:24रात
चंद्र01:2402:22रात
शनि02:2203:20रात
गुरु03:2004:18रात
मंगल04:1805:16रात
सूर्य05:1606:14रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।