11 मार्च 2026 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 11 मार्च 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 11 मार्च 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (06:49, 12 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (00:30, 12 मार्च तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 12:26 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:39
रात 06:13 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 00:30 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:13 – 07:46शुभ
अमृत07:46 – 09:19शुभ
काल09:19 – 10:53टालें
शुभ10:53 – 12:26शुभ
रोग12:26 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:32टालें
चर15:32 – 17:06सामान्य
लाभ17:06 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:39 – 20:06टालें
शुभ20:06 – 21:33शुभ
अमृत21:33 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:20टालें
लाभ03:20 – 04:47शुभ
उद्वेग04:47 – 06:13टालें

11 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 06:49, 12 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:30, 12 मार्च तक
मूल 03:13, 13 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 11:42 तक
सिद्धि 12:28, 12 मार्च तक
करण
बालव 17:38 तक
कौलव 06:49, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 00:30, 12 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
23:12
चंद्रास्त
13:27
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:26 – 13:59
यमगंड
07:46 – 09:19
गुलिक काल
10:53 – 12:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1307:15दिन
चंद्र07:1508:17दिन
शनि08:1709:19दिन
गुरु09:1910:21दिन
मंगल10:2111:24दिन
सूर्य11:2412:26दिन
शुक्र12:2613:28दिन
बुध13:2814:30दिन
चंद्र14:3015:32दिन
शनि15:3216:35दिन
गुरु16:3517:37दिन
मंगल17:3718:39दिन
सूर्य18:3919:37रात
शुक्र19:3720:35रात
बुध20:3521:33रात
चंद्र21:3322:30रात
शनि22:3023:28रात
गुरु23:2800:26रात
मंगल00:2601:24रात
सूर्य01:2402:22रात
शुक्र02:2203:20रात
बुध03:2004:18रात
चंद्र04:1805:16रात
शनि05:1606:13रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।