14 मार्च 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 14 मार्च 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 14 मार्च 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:41 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (07:19, 15 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 09:20 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:35
रात 06:16 तक
तिथि
दशमी, 10:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:15 – 07:47टालें
शुभ07:47 – 09:20शुभ
रोग09:20 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:25टालें
चर12:25 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 17:03शुभ
काल17:03 – 18:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:35 – 20:03शुभ
उद्वेग20:03 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:20टालें
काल03:20 – 04:48टालें
लाभ04:48 – 06:16शुभ

14 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:41 तक
कृष्ण एकादशी 11:47, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 07:19, 15 मार्च तक
योग
वरीयान 13:12 तक
परिघअशुभ 12:55, 15 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:41 तक
बव 23:19 तक
बालव 11:47, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 12:03 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
01:03
चंद्रास्त
15:49
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:20 – 10:52
यमगंड
13:58 – 15:30
गुलिक काल
06:15 – 07:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1507:17दिन
गुरु07:1708:18दिन
मंगल08:1809:20दिन
सूर्य09:2010:22दिन
शुक्र10:2211:23दिन
बुध11:2312:25दिन
चंद्र12:2513:27दिन
शनि13:2714:28दिन
गुरु14:2815:30दिन
मंगल15:3016:32दिन
सूर्य16:3217:34दिन
शुक्र17:3418:35दिन
बुध18:3519:34रात
चंद्र19:3420:32रात
शनि20:3221:30रात
गुरु21:3022:29रात
मंगल22:2923:27रात
सूर्य23:2700:25रात
शुक्र00:2501:24रात
बुध01:2402:22रात
चंद्र02:2203:20रात
शनि03:2004:19रात
गुरु04:1905:17रात
मंगल05:1706:16रात

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।