28 सितंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 28 सितंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 28 सितंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (21:44 तक), नक्षत्र रेवती (12:46 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 07:30 से 09:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:16
रात 05:57 तक
तिथि
द्वितीया, 21:44 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 12:46 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:30शुभ
काल07:30 – 09:03टालें
शुभ09:03 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 12:07टालें
उद्वेग12:07 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:44शुभ
अमृत16:44 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:16 – 19:44सामान्य
रोग19:44 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:06शुभ
उद्वेग00:06 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:29शुभ
चर04:29 – 05:57सामान्य

28 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 21:44 तक
कृष्ण तृतीया 19:40, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:46 तक
अश्विनी 11:33, 29 सित॰ तक
योग
ध्रुव 11:23 तक
व्याघातअशुभ 08:43, 29 सित॰ तक
करण
तैतिल 10:39 तक
गर 21:44 तक
वणिज 08:44, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:46 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
20:06
चंद्रास्त
06:28
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
07:30 – 09:03
यमगंड
10:35 – 12:07
गुलिक काल
13:39 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5807:00दिन
शनि07:0008:01दिन
गुरु08:0109:03दिन
मंगल09:0310:04दिन
सूर्य10:0411:06दिन
शुक्र11:0612:07दिन
बुध12:0713:09दिन
चंद्र13:0914:10दिन
शनि14:1015:11दिन
गुरु15:1116:13दिन
मंगल16:1317:14दिन
सूर्य17:1418:16दिन
शुक्र18:1619:14रात
बुध19:1420:13रात
चंद्र20:1321:11रात
शनि21:1122:10रात
गुरु22:1023:08रात
मंगल23:0800:06रात
सूर्य00:0601:05रात
शुक्र01:0502:03रात
बुध02:0303:02रात
चंद्र03:0204:00रात
शनि04:0004:58रात
गुरु04:5805:57रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।