1 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (15:05 तक), नक्षत्र कृत्तिका (08:32 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:18
रात 05:53 तक
तिथि
पंचमी, 15:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:54 – 07:27शुभ
रोग07:27 – 09:00टालें
उद्वेग09:00 – 10:33टालें
चर10:33 – 12:06सामान्य
लाभ12:06 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:45टालें
शुभ16:45 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:18 – 19:45शुभ
चर19:45 – 21:12सामान्य
रोग21:12 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:05टालें
लाभ00:05 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:26शुभ
अमृत04:26 – 05:53शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 15:05 तक
कृष्ण षष्ठी 12:45, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:57, 2 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 23:48 तक
व्यतीपातअशुभ 20:47, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 15:05 तक
गर 01:55, 2 अक्टू॰ तक
वणिज 12:45, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
23:35
चंद्रास्त
08:30
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:12
यमगंड
05:54 – 07:27
गुलिक काल
09:00 – 10:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5406:56दिन
मंगल06:5607:58दिन
सूर्य07:5809:00दिन
शुक्र09:0010:02दिन
बुध10:0211:04दिन
चंद्र11:0412:06दिन
शनि12:0613:08दिन
गुरु13:0814:10दिन
मंगल14:1015:12दिन
सूर्य15:1216:14दिन
शुक्र16:1417:16दिन
बुध17:1618:18दिन
चंद्र18:1819:16रात
शनि19:1620:14रात
गुरु20:1421:12रात
मंगल21:1222:10रात
सूर्य22:1023:07रात
शुक्र23:0700:05रात
बुध00:0501:03रात
चंद्र01:0302:01रात
शनि02:0102:59रात
गुरु02:5903:57रात
मंगल03:5704:55रात
सूर्य04:5505:53रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।