16 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (05:55 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:17 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 10:25 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:28
रात 05:35 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 09:17 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:36 – 07:12सामान्य
लाभ07:12 – 08:49शुभ
अमृत08:49 – 10:25शुभ
काल10:25 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:52टालें
चर16:52 – 18:28सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:28 – 19:52टालें
काल19:52 – 21:15टालें
लाभ21:15 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:01टालें
शुभ00:01 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:48शुभ
चर02:48 – 04:11सामान्य
रोग04:11 – 05:35टालें

16 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 05:55 तक
शुक्ल षष्ठी 08:24, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:17, 17 अक्टू॰ तक
योग
शोभन 00:35, 17 अक्टू॰ तक
अतिगंडअशुभ 01:32, 18 अक्टू॰ तक
करण
बालव 05:55 तक
कौलव 19:08 तक
तैतिल 08:24, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
08:54
चंद्रास्त
23:58
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:25 – 12:02
यमगंड
15:15 – 16:52
गुलिक काल
07:12 – 08:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3606:40दिन
बुध06:4007:44दिन
चंद्र07:4408:49दिन
शनि08:4909:53दिन
गुरु09:5310:58दिन
मंगल10:5812:02दिन
सूर्य12:0213:06दिन
शुक्र13:0614:11दिन
बुध14:1115:15दिन
चंद्र15:1516:19दिन
शनि16:1917:24दिन
गुरु17:2418:28दिन
मंगल18:2819:24रात
सूर्य19:2420:19रात
शुक्र20:1921:15रात
बुध21:1522:10रात
चंद्र22:1023:06रात
शनि23:0600:01रात
गुरु00:0100:57रात
मंगल00:5701:52रात
सूर्य01:5202:48रात
शुक्र02:4803:43रात
बुध03:4304:39रात
चंद्र04:3905:35रात

अयनांश 24.2313° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।