22 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:18 तक), नक्षत्र शतभिषा (23:19 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:33
रात 05:28 तक
तिथि
एकादशी, 17:18 तक
द्वादशी
नक्षत्र
शतभिषा, 23:19 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:29 – 07:07शुभ
रोग07:07 – 08:45टालें
उद्वेग08:45 – 10:23टालें
चर10:23 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:17शुभ
काल15:17 – 16:55टालें
शुभ16:55 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:33 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:17सामान्य
रोग21:17 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:00टालें
लाभ00:00 – 01:22शुभ
उद्वेग01:22 – 02:44टालें
शुभ02:44 – 04:06शुभ
अमृत04:06 – 05:28शुभ

22 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:18 तक
शुक्ल द्वादशी 17:06, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 23:19 तक
पूर्वा भाद्रपद 23:33, 23 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 02:09, 23 अक्टू॰ तक
ध्रुव 00:38, 24 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:18 तक
बव 05:18, 23 अक्टू॰ तक
बालव 17:06, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
14:39
चंद्रास्त
03:00
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:17
यमगंड
05:29 – 07:07
गुलिक काल
08:45 – 10:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2906:34दिन
मंगल06:3407:40दिन
सूर्य07:4008:45दिन
शुक्र08:4509:50दिन
बुध09:5010:56दिन
चंद्र10:5612:01दिन
शनि12:0113:06दिन
गुरु13:0614:11दिन
मंगल14:1115:17दिन
सूर्य15:1716:22दिन
शुक्र16:2217:27दिन
बुध17:2718:33दिन
चंद्र18:3319:27रात
शनि19:2720:22रात
गुरु20:2221:17रात
मंगल21:1722:11रात
सूर्य22:1123:06रात
शुक्र23:0600:00रात
बुध00:0000:55रात
चंद्र00:5501:49रात
शनि01:4902:44रात
गुरु02:4403:39रात
मंगल03:3904:33रात
सूर्य04:3305:28रात

अयनांश 24.2315° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।