26 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (12:11 तक), नक्षत्र अश्विनी (20:11 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 07:04 से 08:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 18:36
रात 05:24 तक
तिथि
पूर्णिमा, 12:11 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 20:11 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:25 – 07:04शुभ
काल07:04 – 08:42टालें
शुभ08:42 – 10:21शुभ
रोग10:21 – 12:00टालें
उद्वेग12:00 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:18सामान्य
लाभ15:18 – 16:57शुभ
अमृत16:57 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:36 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:18टालें
काल21:18 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:00शुभ
उद्वेग00:00 – 01:21टालें
शुभ01:21 – 02:42शुभ
अमृत02:42 – 04:03शुभ
चर04:03 – 05:24सामान्य

26 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 12:11 तक
कृष्ण प्रतिपदा 09:32, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:09, 27 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:47 तक
सिद्धि 13:23, 27 अक्टू॰ तक
करण
बव 12:11 तक
बालव 22:54 तक
कौलव 09:32, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
18:56
चंद्रास्त
04:59
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:04 – 08:42
यमगंड
10:21 – 12:00
गुलिक काल
13:39 – 15:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2506:31दिन
शनि06:3107:37दिन
गुरु07:3708:42दिन
मंगल08:4209:48दिन
सूर्य09:4810:54दिन
शुक्र10:5412:00दिन
बुध12:0013:06दिन
चंद्र13:0614:12दिन
शनि14:1215:18दिन
गुरु15:1816:24दिन
मंगल16:2417:30दिन
सूर्य17:3018:36दिन
शुक्र18:3619:30रात
बुध19:3020:24रात
चंद्र20:2421:18रात
शनि21:1822:12रात
गुरु22:1223:06रात
मंगल23:0600:00रात
सूर्य00:0000:54रात
शुक्र00:5401:48रात
बुध01:4802:42रात
चंद्र02:4203:36रात
शनि03:3604:30रात
गुरु04:3005:24रात

अयनांश 24.2317° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।