30 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (21:55 तक), नक्षत्र मृगशिरा (11:34 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 10:20 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:39
रात 05:20 तक
तिथि
पंचमी, 21:55 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 11:34 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:21 – 07:01सामान्य
लाभ07:01 – 08:40शुभ
अमृत08:40 – 10:20शुभ
काल10:20 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:20टालें
उद्वेग15:20 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:19टालें
लाभ21:19 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:20शुभ
अमृत01:20 – 02:40शुभ
चर02:40 – 04:00सामान्य
रोग04:00 – 05:20टालें

30 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 21:55 तक
कृष्ण षष्ठी 19:27, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 09:42, 31 अक्टू॰ तक
योग
शिव 23:11 तक
सिद्ध 20:01, 31 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 11:16 तक
तैतिल 21:55 तक
गर 08:39, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
23:32
चंद्रास्त
08:20
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 12:00
यमगंड
15:20 – 16:59
गुलिक काल
07:01 – 08:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2106:27दिन
बुध06:2707:34दिन
चंद्र07:3408:40दिन
शनि08:4009:47दिन
गुरु09:4710:53दिन
मंगल10:5312:00दिन
सूर्य12:0013:07दिन
शुक्र13:0714:13दिन
बुध14:1315:20दिन
चंद्र15:2016:26दिन
शनि16:2617:33दिन
गुरु17:3318:39दिन
मंगल18:3919:33रात
सूर्य19:3320:26रात
शुक्र20:2621:19रात
बुध21:1922:13रात
चंद्र22:1323:06रात
शनि23:0600:00रात
गुरु00:0000:53रात
मंगल00:5301:46रात
सूर्य01:4602:40रात
शुक्र02:4003:33रात
बुध03:3304:26रात
चंद्र04:2605:20रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।