4 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 4 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (13:33 तक), नक्षत्र मघा (05:56 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:43
रात 05:15 तक
तिथि
दशमी, 13:33 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:16 – 06:57शुभ
अमृत06:57 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:19टालें
शुभ10:19 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:41टालें
उद्वेग13:41 – 15:22टालें
चर15:22 – 17:03सामान्य
लाभ17:03 – 18:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:43 – 20:02टालें
शुभ20:02 – 21:21शुभ
अमृत21:21 – 22:40शुभ
चर22:40 – 23:59सामान्य
रोग23:59 – 01:18टालें
काल01:18 – 02:37टालें
लाभ02:37 – 03:56शुभ
उद्वेग03:56 – 05:15टालें

4 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 13:33 तक
कृष्ण एकादशी 13:06, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 05:56 तक
योग
ब्रह्म 10:31 तक
इंद्र 08:56, 5 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:33 तक
बव 01:17, 5 नव॰ तक
बालव 13:06, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
02:15
चंद्रास्त
13:59
दिनमान
13h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:41
यमगंड
06:57 – 08:38
गुलिक काल
10:19 – 12:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1606:24दिन
चंद्र06:2407:31दिन
शनि07:3108:38दिन
गुरु08:3809:45दिन
मंगल09:4510:53दिन
सूर्य10:5312:00दिन
शुक्र12:0013:07दिन
बुध13:0714:14दिन
चंद्र14:1415:22दिन
शनि15:2216:29दिन
गुरु16:2917:36दिन
मंगल17:3618:43दिन
सूर्य18:4319:36रात
शुक्र19:3620:29रात
बुध20:2921:21रात
चंद्र21:2122:14रात
शनि22:1423:07रात
गुरु23:0723:59रात
मंगल23:5900:52रात
सूर्य00:5201:45रात
शुक्र01:4502:37रात
बुध02:3703:30रात
चंद्र03:3004:23रात
शनि04:2305:15रात

अयनांश 24.2320° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।