6 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (13:01 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (06:26 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 10:19 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 18:45
रात 05:14 तक
तिथि
द्वादशी, 13:01 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:15 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:37शुभ
अमृत08:37 – 10:19शुभ
काल10:19 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 17:04टालें
चर17:04 – 18:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:45 – 20:04टालें
काल20:04 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:18शुभ
अमृत01:18 – 02:37शुभ
चर02:37 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:14टालें

6 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 13:01 तक
कृष्ण त्रयोदशी 13:18, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 07:13, 7 नव॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 07:39 तक
विष्कंभअशुभ 06:40, 7 नव॰ तक
करण
तैतिल 13:01 तक
गर 01:06, 7 नव॰ तक
वणिज 13:18, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
03:12
चंद्रास्त
16:00
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
10:19 – 12:00
यमगंड
15:23 – 17:04
गुलिक काल
06:56 – 08:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1506:22दिन
बुध06:2207:30दिन
चंद्र07:3008:37दिन
शनि08:3709:45दिन
गुरु09:4510:52दिन
मंगल10:5212:00दिन
सूर्य12:0013:07दिन
शुक्र13:0714:15दिन
बुध14:1515:23दिन
चंद्र15:2316:30दिन
शनि16:3017:38दिन
गुरु17:3818:45दिन
मंगल18:4519:38रात
सूर्य19:3820:30रात
शुक्र20:3021:22रात
बुध21:2222:15रात
चंद्र22:1523:07रात
शनि23:0700:00रात
गुरु00:0000:52रात
मंगल00:5201:44रात
सूर्य01:4402:37रात
शुक्र02:3703:29रात
बुध03:2904:21रात
चंद्र04:2105:14रात

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।