19 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 19 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:36 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:40 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 13:45 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 18:57
रात 05:06 तक
तिथि
नवमी, 09:36 तक
दशमी
नक्षत्र
शतभिषा, 08:40 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:06 – 06:50शुभ
रोग06:50 – 08:34टालें
उद्वेग08:34 – 10:18टालें
चर10:18 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:45शुभ
अमृत13:45 – 15:29शुभ
काल15:29 – 17:13टालें
शुभ17:13 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:57 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:45टालें
काल22:45 – 00:01टालें
लाभ00:01 – 01:17शुभ
उद्वेग01:17 – 02:34टालें
शुभ02:34 – 03:50शुभ
अमृत03:50 – 05:06शुभ

19 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:36 तक
शुक्ल दशमी 09:46, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:40 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:26, 20 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 10:12 तक
हर्षण 09:10, 20 नव॰ तक
करण
कौलव 09:36 तक
तैतिल 21:48 तक
गर 09:46, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 03:20, 20 नव॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
13:23
चंद्रास्त
01:26
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:26
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:45 – 15:29
यमगंड
05:06 – 06:50
गुलिक काल
08:34 – 10:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0606:16दिन
मंगल06:1607:25दिन
सूर्य07:2508:34दिन
शुक्र08:3409:43दिन
बुध09:4310:52दिन
चंद्र10:5212:02दिन
शनि12:0213:11दिन
गुरु13:1114:20दिन
मंगल14:2015:29दिन
सूर्य15:2916:38दिन
शुक्र16:3817:48दिन
बुध17:4818:57दिन
चंद्र18:5719:48रात
शनि19:4820:38रात
गुरु20:3821:29रात
मंगल21:2922:20रात
सूर्य22:2023:11रात
शुक्र23:1100:01रात
बुध00:0100:52रात
चंद्र00:5201:43रात
शनि01:4302:34रात
गुरु02:3403:24रात
मंगल03:2404:15रात
सूर्य04:1505:06रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।