21 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 21 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 21 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:01 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (09:20 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 08:34 से 10:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:59
रात 05:05 तक
तिथि
एकादशी, 09:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:05 – 06:50टालें
शुभ06:50 – 08:34शुभ
रोग08:34 – 10:18टालें
उद्वेग10:18 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:46सामान्य
लाभ13:46 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 17:14शुभ
काल17:14 – 18:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:59 – 20:14शुभ
उद्वेग20:14 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:46शुभ
अमृत22:46 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:18सामान्य
रोग01:18 – 02:33टालें
काल02:33 – 03:49टालें
लाभ03:49 – 05:05शुभ

21 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:01 तक
शुक्ल द्वादशी 07:26, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:25, 22 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 07:25 तक
सिद्धि 05:00, 22 नव॰ तक
व्यतीपातअशुभ 01:59, 23 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:01 तक
बव 20:20 तक
बालव 07:26, 22 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
15:26
चंद्रास्त
02:22
दिनमान
13h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
08:34 – 10:18
यमगंड
13:46 – 15:30
गुलिक काल
05:05 – 06:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0506:15दिन
गुरु06:1507:24दिन
मंगल07:2408:34दिन
सूर्य08:3409:43दिन
शुक्र09:4310:53दिन
बुध10:5312:02दिन
चंद्र12:0213:11दिन
शनि13:1114:21दिन
गुरु14:2115:30दिन
मंगल15:3016:40दिन
सूर्य16:4017:49दिन
शुक्र17:4918:59दिन
बुध18:5919:49रात
चंद्र19:4920:40रात
शनि20:4021:30रात
गुरु21:3022:21रात
मंगल22:2123:11रात
सूर्य23:1100:02रात
शुक्र00:0200:52रात
बुध00:5201:43रात
चंद्र01:4302:33रात
शनि02:3303:24रात
गुरु03:2404:15रात
मंगल04:1505:05रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।