23 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 23 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 23 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (05:07 तक), नक्षत्र अश्विनी (06:45 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 06:49 से 08:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 19:00
रात 05:04 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:12 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी, 04:32 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:05 – 06:49शुभ
काल06:49 – 08:34टालें
शुभ08:34 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:47टालें
चर13:47 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 17:16शुभ
अमृत17:16 – 19:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:00 – 20:16सामान्य
रोग20:16 – 21:31टालें
काल21:31 – 22:47टालें
लाभ22:47 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:18टालें
शुभ01:18 – 02:33शुभ
अमृत02:33 – 03:49शुभ
चर03:49 – 05:04सामान्य

23 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 05:07 तक
शुक्ल चतुर्दशी 02:12, 24 नव॰ तक
पूर्णिमा 22:53, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 04:32, 24 नव॰ तक
कृत्तिका 01:55, 25 नव॰ तक
योग
वरीयान 22:28 तक
परिघअशुभ 18:35, 24 नव॰ तक
करण
तैतिल 05:07 तक
गर 15:44 तक
वणिज 02:12, 24 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:35, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
17:43
चंद्रास्त
03:28
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
06:49 – 08:34
यमगंड
10:18 – 12:03
गुलिक काल
13:47 – 15:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0506:14दिन
शनि06:1407:24दिन
गुरु07:2408:34दिन
मंगल08:3409:43दिन
सूर्य09:4310:53दिन
शुक्र10:5312:03दिन
बुध12:0313:12दिन
चंद्र13:1214:22दिन
शनि14:2215:31दिन
गुरु15:3116:41दिन
मंगल16:4117:51दिन
सूर्य17:5119:00दिन
शुक्र19:0019:51रात
बुध19:5120:41रात
चंद्र20:4121:31रात
शनि21:3122:22रात
गुरु22:2223:12रात
मंगल23:1200:02रात
सूर्य00:0200:53रात
शुक्र00:5301:43रात
बुध01:4302:33रात
चंद्र02:3303:24रात
शनि03:2404:14रात
गुरु04:1405:04रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।