20 जनवरी 2027 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 20 जनवरी 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 20 जनवरी 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:11 तक), नक्षत्र मृगशिरा (18:47 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 12:27 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 19:24
रात 05:30 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:42 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 18:47 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:29 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:42टालें
शुभ10:42 – 12:27शुभ
रोग12:27 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:40सामान्य
लाभ17:40 – 19:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:24 – 20:40टालें
शुभ20:40 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:11शुभ
चर23:11 – 00:27सामान्य
रोग00:27 – 01:43टालें
काल01:43 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:30टालें

20 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:11 तक
शुक्ल त्रयोदशी 03:42, 21 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 00:00, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:54, 21 जन॰ तक
योग
इंद्र 00:53, 21 जन॰ तक
वैधृतिअशुभ 20:38, 21 जन॰ तक
करण
बालव 07:11 तक
कौलव 17:29 तक
तैतिल 03:42, 21 जन॰ तक
गर 13:52, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 08:08 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
17:35
चंद्रास्त
02:21
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 14:11
यमगंड
07:14 – 08:58
गुलिक काल
10:42 – 12:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2906:39दिन
चंद्र06:3907:48दिन
शनि07:4808:58दिन
गुरु08:5810:08दिन
मंगल10:0811:17दिन
सूर्य11:1712:27दिन
शुक्र12:2713:36दिन
बुध13:3614:46दिन
चंद्र14:4615:55दिन
शनि15:5517:05दिन
गुरु17:0518:15दिन
मंगल18:1519:24दिन
सूर्य19:2420:15रात
शुक्र20:1521:05रात
बुध21:0521:56रात
चंद्र21:5622:46रात
शनि22:4623:37रात
गुरु23:3700:27रात
मंगल00:2701:18रात
सूर्य01:1802:08रात
शुक्र02:0802:59रात
बुध02:5903:49रात
चंद्र03:4904:40रात
शनि04:4005:30रात

अयनांश 24.2349° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।