4 मार्च 2027 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 4 मार्च 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 4 मार्च 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (09:54 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (04:05, 5 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 14:03 से 15:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:48
रात 06:08 तक
तिथि
एकादशी, 09:54 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 04:05 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:07 – 07:42शुभ
रोग07:42 – 09:17टालें
उद्वेग09:17 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 14:03शुभ
अमृत14:03 – 15:38शुभ
काल15:38 – 17:13टालें
शुभ17:13 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:48 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:38सामान्य
रोग21:38 – 23:03टालें
काल23:03 – 00:28टालें
लाभ00:28 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:18टालें
शुभ03:18 – 04:43शुभ
अमृत04:43 – 06:08शुभ

4 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 09:54 तक
कृष्ण द्वादशी 12:24, 5 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 04:05, 5 मार्च तक
श्रवण 06:50, 6 मार्च तक
योग
वरीयान 04:30, 5 मार्च तक
परिघअशुभ 05:12, 6 मार्च तक
करण
बालव 09:54 तक
कौलव 23:11 तक
तैतिल 12:24, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 07:50 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
02:00
चंद्रास्त
16:32
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
14:03 – 15:38
यमगंड
06:07 – 07:42
गुलिक काल
09:17 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0707:11दिन
मंगल07:1108:14दिन
सूर्य08:1409:17दिन
शुक्र09:1710:21दिन
बुध10:2111:24दिन
चंद्र11:2412:28दिन
शनि12:2813:31दिन
गुरु13:3114:34दिन
मंगल14:3415:38दिन
सूर्य15:3816:41दिन
शुक्र16:4117:45दिन
बुध17:4518:48दिन
चंद्र18:4819:45रात
शनि19:4520:41रात
गुरु20:4121:38रात
मंगल21:3822:35रात
सूर्य22:3523:31रात
शुक्र23:3100:28रात
बुध00:2801:25रात
चंद्र01:2502:21रात
शनि02:2103:18रात
गुरु03:1804:15रात
मंगल04:1505:11रात
सूर्य05:1106:08रात

अयनांश 24.2366° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।