14 मार्च 2027 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 14 मार्च 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 14 मार्च 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (15:02 तक), नक्षत्र कृत्तिका (12:53 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:36
रात 06:15 तक
तिथि
षष्ठी, 15:02 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 12:53 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:15 – 07:47टालें
चर07:47 – 09:20सामान्य
लाभ09:20 – 10:53शुभ
अमृत10:53 – 12:25शुभ
काल12:25 – 13:58टालें
शुभ13:58 – 15:30शुभ
रोग15:30 – 17:03टालें
उद्वेग17:03 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:36 – 20:03शुभ
अमृत20:03 – 21:31शुभ
चर21:31 – 22:58सामान्य
रोग22:58 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:20शुभ
उद्वेग03:20 – 04:48टालें
शुभ04:48 – 06:15शुभ

14 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 15:02 तक
शुक्ल सप्तमी 13:21, 15 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:56, 15 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 19:40 तक
प्रीति 17:07, 15 मार्च तक
करण
तैतिल 15:02 तक
गर 02:14, 15 मार्च तक
वणिज 13:21, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
12:04
चंद्रास्त
22:02
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:36
यमगंड
12:25 – 13:58
गुलिक काल
15:30 – 17:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1507:16दिन
शुक्र07:1608:18दिन
बुध08:1809:20दिन
चंद्र09:2010:22दिन
शनि10:2211:23दिन
गुरु11:2312:25दिन
मंगल12:2513:27दिन
सूर्य13:2714:29दिन
शुक्र14:2915:30दिन
बुध15:3016:32दिन
चंद्र16:3217:34दिन
शनि17:3418:36दिन
गुरु18:3619:34रात
मंगल19:3420:32रात
सूर्य20:3221:31रात
शुक्र21:3122:29रात
बुध22:2923:27रात
चंद्र23:2700:25रात
शनि00:2501:24रात
गुरु01:2402:22रात
मंगल02:2203:20रात
सूर्य03:2004:19रात
शुक्र04:1905:17रात
बुध05:1706:15रात

अयनांश 24.2370° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।