1 अप्रैल 2027 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (03:15, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (11:55 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 13:48 से 15:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:13
रात 06:28 तक
तिथि
दशमी, 03:15 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 11:55 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:27 – 07:55शुभ
रोग07:55 – 09:23टालें
उद्वेग09:23 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:48शुभ
अमृत13:48 – 15:16शुभ
काल15:16 – 16:44टालें
शुभ16:44 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:13 – 19:44शुभ
चर19:44 – 21:16सामान्य
रोग21:16 – 22:48टालें
काल22:48 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:24टालें
शुभ03:24 – 04:56शुभ
अमृत04:56 – 06:28शुभ

1 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 03:15, 2 अप्रैल तक
कृष्ण एकादशी 05:22, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 14:46, 2 अप्रैल तक
योग
शिव 11:22 तक
सिद्ध 12:11, 2 अप्रैल तक
करण
वणिज 14:03 तक
विष्टि (भद्रा) 03:15, 2 अप्रैल तक
बव 16:22, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
00:47
चंद्रास्त
15:04
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
13:48 – 15:16
यमगंड
06:27 – 07:55
गुलिक काल
09:23 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2707:26दिन
मंगल07:2608:25दिन
सूर्य08:2509:23दिन
शुक्र09:2310:22दिन
बुध10:2211:21दिन
चंद्र11:2112:20दिन
शनि12:2013:19दिन
गुरु13:1914:17दिन
मंगल14:1715:16दिन
सूर्य15:1616:15दिन
शुक्र16:1517:14दिन
बुध17:1418:13दिन
चंद्र18:1319:14रात
शनि19:1420:15रात
गुरु20:1521:16रात
मंगल21:1622:18रात
सूर्य22:1823:19रात
शुक्र23:1900:20रात
बुध00:2001:21रात
चंद्र01:2102:23रात
शनि02:2303:24रात
गुरु03:2404:25रात
मंगल04:2505:26रात
सूर्य05:2606:28रात

अयनांश 24.2377° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।