19 अप्रैल 2027 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 19 अप्रैल 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 19 अप्रैल 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (08:38 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:45 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 08:03 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:51
रात 06:40 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:39 – 08:03शुभ
काल08:03 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 10:51शुभ
रोग10:51 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:27शुभ
अमृत16:27 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:51 – 19:27सामान्य
रोग19:27 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:04शुभ
चर05:04 – 06:40सामान्य

19 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 08:38 तक
शुक्ल चतुर्दशी 07:21, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 07:10, 20 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 22:14 तक
हर्षण 20:17, 20 अप्रैल तक
करण
तैतिल 08:38 तक
गर 19:57 तक
वणिज 07:21, 20 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
16:37
चंद्रास्त
04:43
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:03 – 09:27
यमगंड
10:51 – 12:15
गुलिक काल
13:39 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3907:35दिन
शनि07:3508:31दिन
गुरु08:3109:27दिन
मंगल09:2710:23दिन
सूर्य10:2311:19दिन
शुक्र11:1912:15दिन
बुध12:1513:11दिन
चंद्र13:1114:07दिन
शनि14:0715:03दिन
गुरु15:0315:59दिन
मंगल15:5916:55दिन
सूर्य16:5517:51दिन
शुक्र17:5118:55रात
बुध18:5519:59रात
चंद्र19:5921:03रात
शनि21:0322:07रात
गुरु22:0723:11रात
मंगल23:1100:15रात
सूर्य00:1501:20रात
शुक्र01:2002:24रात
बुध02:2403:28रात
चंद्र03:2804:32रात
शनि04:3205:36रात
गुरु05:3606:40रात

अयनांश 24.2384° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।