21 सितंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 21 सितंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 21 सितंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (09:13 तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:43 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 15:10 से 16:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:11
रात 06:06 तक
तिथि
पंचमी, 09:13 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:43 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:08 – 07:38टालें
उद्वेग07:38 – 09:09टालें
चर09:09 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:10टालें
शुभ15:10 – 16:41शुभ
रोग16:41 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:11 – 19:41टालें
लाभ19:41 – 21:10शुभ
उद्वेग21:10 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:37टालें
काल04:37 – 06:06टालें

21 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 09:13 तक
कृष्ण षष्ठी 08:22, 22 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:22, 22 सित॰ तक
योग
हर्षण 08:19 तक
वज्रअशुभ 06:34, 22 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:13 तक
गर 20:51 तक
वणिज 08:22, 22 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
23:38
चंद्रास्त
08:47
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
15:10 – 16:41
यमगंड
09:09 – 10:39
गुलिक काल
12:10 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0807:08दिन
सूर्य07:0808:08दिन
शुक्र08:0809:09दिन
बुध09:0910:09दिन
चंद्र10:0911:09दिन
शनि11:0912:10दिन
गुरु12:1013:10दिन
मंगल13:1014:10दिन
सूर्य14:1015:10दिन
शुक्र15:1016:11दिन
बुध16:1117:11दिन
चंद्र17:1118:11दिन
शनि18:1119:11रात
गुरु19:1120:11रात
मंगल20:1121:10रात
सूर्य21:1022:10रात
शुक्र22:1023:09रात
बुध23:0900:09रात
चंद्र00:0901:08रात
शनि01:0802:08रात
गुरु02:0803:08रात
मंगल03:0804:07रात
सूर्य04:0705:07रात
शुक्र05:0706:06रात

अयनांश 24.2443° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।