15 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (21:47 तक), नक्षत्र रेवती (01:59, 16 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 10:26 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:27
रात 05:36 तक
तिथि
पूर्णिमा, 21:47 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती, 01:59 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:37 – 07:13सामान्य
लाभ07:13 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:26शुभ
काल10:26 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:38शुभ
रोग13:38 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:51टालें
चर16:51 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 19:51टालें
काल19:51 – 21:14टालें
लाभ21:14 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:49शुभ
चर02:49 – 04:12सामान्य
रोग04:12 – 05:36टालें

15 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 21:47 तक
कृष्ण प्रतिपदा 21:43, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:59, 16 अक्टू॰ तक
अश्विनी 02:29, 17 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:05 तक
हर्षण 16:59, 16 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:37 तक
बव 21:46 तक
बालव 09:48, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:59, 16 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
18:20
चंद्रास्त
05:00
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:26 – 12:02
यमगंड
15:15 – 16:51
गुलिक काल
07:13 – 08:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3706:41दिन
बुध06:4107:45दिन
चंद्र07:4508:50दिन
शनि08:5009:54दिन
गुरु09:5410:58दिन
मंगल10:5812:02दिन
सूर्य12:0213:06दिन
शुक्र13:0614:11दिन
बुध14:1115:15दिन
चंद्र15:1516:19दिन
शनि16:1917:23दिन
गुरु17:2318:27दिन
मंगल18:2719:23रात
सूर्य19:2320:19रात
शुक्र20:1921:14रात
बुध21:1422:10रात
चंद्र22:1023:06रात
शनि23:0600:02रात
गुरु00:0200:57रात
मंगल00:5701:53रात
सूर्य01:5302:49रात
शुक्र02:4903:44रात
बुध03:4404:40रात
चंद्र04:4005:36रात

अयनांश 24.2452° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।