18 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 18 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (20:22 तक), नक्षत्र कृत्तिका (02:18, 19 अक्टू॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 07:11 से 08:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:30
रात 05:32 तक
तिथि
तृतीया, 20:22 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका, 02:18 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:34 – 07:11शुभ
काल07:11 – 08:48टालें
शुभ08:48 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 12:02टालें
उद्वेग12:02 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:16सामान्य
लाभ15:16 – 16:53शुभ
अमृत16:53 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:30 – 19:52सामान्य
रोग19:52 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:24टालें
शुभ01:24 – 02:47शुभ
अमृत02:47 – 04:10शुभ
चर04:10 – 05:32सामान्य

18 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 20:22 तक
कृष्ण चतुर्थी 19:12, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 02:18, 19 अक्टू॰ तक
रोहिणी 01:45, 20 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 13:47 तक
व्यतीपातअशुभ 11:47, 19 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 08:50 तक
विष्टि (भद्रा) 20:22 तक
बव 07:49, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मेष 08:31 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
21:31
चंद्रास्त
06:46
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:11 – 08:48
यमगंड
10:25 – 12:02
गुलिक काल
13:39 – 15:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3406:38दिन
शनि06:3807:43दिन
गुरु07:4308:48दिन
मंगल08:4809:52दिन
सूर्य09:5210:57दिन
शुक्र10:5712:02दिन
बुध12:0213:06दिन
चंद्र13:0614:11दिन
शनि14:1115:16दिन
गुरु15:1616:20दिन
मंगल16:2017:25दिन
सूर्य17:2518:30दिन
शुक्र18:3019:25रात
बुध19:2520:20रात
चंद्र20:2021:15रात
शनि21:1522:10रात
गुरु22:1023:06रात
मंगल23:0600:01रात
सूर्य00:0100:56रात
शुक्र00:5601:51रात
बुध01:5102:47रात
चंद्र02:4703:42रात
शनि03:4204:37रात
गुरु04:3705:32रात

अयनांश 24.2453° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।