20 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:48 तक), नक्षत्र मृगशिरा (01:00, 21 अक्टू॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 12:01 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 18:31
रात 05:30 तक
तिथि
पंचमी, 17:48 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 01:00 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:31 – 07:09शुभ
अमृत07:09 – 08:46शुभ
काल08:46 – 10:24टालें
शुभ10:24 – 12:01शुभ
रोग12:01 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:54सामान्य
लाभ16:54 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:31 – 19:53टालें
शुभ19:53 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:01सामान्य
रोग00:01 – 01:23टालें
काल01:23 – 02:45टालें
लाभ02:45 – 04:08शुभ
उद्वेग04:08 – 05:30टालें

20 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:48 तक
कृष्ण षष्ठी 16:13, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 01:00, 21 अक्टू॰ तक
आर्द्रा 00:02, 22 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 09:35 तक
परिघअशुभ 07:12, 21 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 06:32 तक
तैतिल 17:48 तक
गर 05:02, 21 अक्टू॰ तक
वणिज 16:13, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:24 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
23:34
चंद्रास्त
08:30
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:01 – 13:39
यमगंड
07:09 – 08:46
गुलिक काल
10:24 – 12:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3106:36दिन
चंद्र06:3607:41दिन
शनि07:4108:46दिन
गुरु08:4609:51दिन
मंगल09:5110:56दिन
सूर्य10:5612:01दिन
शुक्र12:0113:06दिन
बुध13:0614:11दिन
चंद्र14:1115:16दिन
शनि15:1616:21दिन
गुरु16:2117:26दिन
मंगल17:2618:31दिन
सूर्य18:3119:26रात
शुक्र19:2620:21रात
बुध20:2121:16रात
चंद्र21:1622:11रात
शनि22:1123:06रात
गुरु23:0600:01रात
मंगल00:0100:56रात
सूर्य00:5601:50रात
शुक्र01:5002:45रात
बुध02:4503:40रात
चंद्र03:4004:35रात
शनि04:3505:30रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।