22 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:26 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (22:55 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 10:23 से 12:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:33
रात 05:28 तक
तिथि
सप्तमी, 14:26 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 22:55 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:29 – 07:07सामान्य
लाभ07:07 – 08:45शुभ
अमृत08:45 – 10:23शुभ
काल10:23 – 12:01टालें
शुभ12:01 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:55टालें
चर16:55 – 18:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:33 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:16टालें
लाभ21:16 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 02:44शुभ
चर02:44 – 04:06सामान्य
रोग04:06 – 05:28टालें

22 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:26 तक
कृष्ण अष्टमी 12:29, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 21:37, 23 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 02:00, 23 अक्टू॰ तक
साध्य 23:12, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:26 तक
बालव 01:29, 23 अक्टू॰ तक
कौलव 12:29, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 17:13 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
00:28
चंद्रास्त
10:41
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 12:01
यमगंड
15:17 – 16:55
गुलिक काल
07:07 – 08:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2906:34दिन
बुध06:3407:40दिन
चंद्र07:4008:45दिन
शनि08:4509:50दिन
गुरु09:5010:56दिन
मंगल10:5612:01दिन
सूर्य12:0113:06दिन
शुक्र13:0614:11दिन
बुध14:1115:17दिन
चंद्र15:1716:22दिन
शनि16:2217:27दिन
गुरु17:2718:33दिन
मंगल18:3319:27रात
सूर्य19:2720:22रात
शुक्र20:2221:16रात
बुध21:1622:11रात
चंद्र22:1123:06रात
शनि23:0600:00रात
गुरु00:0000:55रात
मंगल00:5501:50रात
सूर्य01:5002:44रात
शुक्र02:4403:39रात
बुध03:3904:33रात
चंद्र04:3305:28रात

अयनांश 24.2455° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।