4 नवंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया
गुरुवार, 4 नवंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।
गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (00:08, 5 नव॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (17:55 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 13:41 से 15:22 तक है।
4 नवंबर 2027 का चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।
| दिन का चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| शुभ | 05:16 – 06:57 | शुभ |
| रोग | 06:57 – 08:38 | टालें |
| उद्वेग | 08:38 – 10:19 | टालें |
| चर | 10:19 – 12:00 | सामान्य |
| लाभ | 12:00 – 13:41 | शुभ |
| अमृत | 13:41 – 15:22 | शुभ |
| काल | 15:22 – 17:02 | टालें |
| शुभ | 17:02 – 18:43 | शुभ |
| रात का चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| अमृत | 18:43 – 20:02 | शुभ |
| चर | 20:02 – 21:21 | सामान्य |
| रोग | 21:21 – 22:40 | टालें |
| काल | 22:40 – 23:59 | टालें |
| लाभ | 23:59 – 01:18 | शुभ |
| उद्वेग | 01:18 – 02:38 | टालें |
| शुभ | 02:38 – 03:57 | शुभ |
| अमृत | 03:57 – 05:16 | शुभ |
4 नवंबर 2027 का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल षष्ठी 00:08, 5 नव॰ तक शुक्ल सप्तमी 02:39, 6 नव॰ तक |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा 17:55 तक उत्तराषाढ़ा 20:49, 5 नव॰ तक |
| योग | धृति 22:32 तक शूलअशुभ 23:24, 5 नव॰ तक |
| करण | कौलव 11:01 तक तैतिल 00:08, 5 नव॰ तक गर 13:21, 5 नव॰ तक |
| चंद्र राशि | धनु 00:37, 5 नव॰ तक |
| सूर्य राशि | तुला |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 05:16
- सूर्यास्त
- 18:43
- चंद्रोदय
- 09:33
- चंद्रास्त
- इस दिन चंद्रास्त नहीं
- दिनमान
- 13h 27m
हिंदू कैलेंडर
- मास (अमांत)
- कार्तिक
- मास (पूर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949, प्लवंग संवत्सर
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 03:52 – 04:34
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:33 – 12:27
अशुभ समय
- राहुकाल
- 13:41 – 15:22
- यमगंड
- 05:16 – 06:57
- गुलिक काल
- 08:38 – 10:19
होरा (ग्रहों के घंटे)
हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।
| होरा स्वामी | से | तक | दिन / रात |
|---|---|---|---|
| गुरु | 05:16 | 06:24 | दिन |
| मंगल | 06:24 | 07:31 | दिन |
| सूर्य | 07:31 | 08:38 | दिन |
| शुक्र | 08:38 | 09:45 | दिन |
| बुध | 09:45 | 10:53 | दिन |
| चंद्र | 10:53 | 12:00 | दिन |
| शनि | 12:00 | 13:07 | दिन |
| गुरु | 13:07 | 14:14 | दिन |
| मंगल | 14:14 | 15:22 | दिन |
| सूर्य | 15:22 | 16:29 | दिन |
| शुक्र | 16:29 | 17:36 | दिन |
| बुध | 17:36 | 18:43 | दिन |
| चंद्र | 18:43 | 19:36 | रात |
| शनि | 19:36 | 20:29 | रात |
| गुरु | 20:29 | 21:21 | रात |
| मंगल | 21:21 | 22:14 | रात |
| सूर्य | 22:14 | 23:07 | रात |
| शुक्र | 23:07 | 23:59 | रात |
| बुध | 23:59 | 00:52 | रात |
| चंद्र | 00:52 | 01:45 | रात |
| शनि | 01:45 | 02:38 | रात |
| गुरु | 02:38 | 03:30 | रात |
| मंगल | 03:30 | 04:23 | रात |
| सूर्य | 04:23 | 05:16 | रात |
अयनांश 24.2460° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।
किसी अन्य शहर का चौघड़िया
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।
कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?
अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।
चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?
ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।
क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?
नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।