17 मार्च 2028 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 मार्च 2028, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 17 मार्च 2028 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (18:56 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (00:25, 18 मार्च तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:31
रात 06:18 तक
तिथि
सप्तमी, 18:56 तक
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 00:25 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:17 – 07:49सामान्य
लाभ07:49 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 13:56शुभ
रोग13:56 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:31 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 22:56शुभ
उद्वेग22:56 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:21शुभ
चर03:21 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:18टालें

17 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 18:56 तक
कृष्ण अष्टमी 20:00, 18 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:25, 18 मार्च तक
मूल 02:13, 19 मार्च तक
योग
सिद्धि 00:23, 18 मार्च तक
व्यतीपातअशुभ 00:15, 19 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:43 तक
बव 18:56 तक
बालव 07:22, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 00:25, 18 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
22:53
चंद्रास्त
12:53
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:24
यमगंड
15:27 – 16:59
गुलिक काल
07:49 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1707:18दिन
बुध07:1808:20दिन
चंद्र08:2009:21दिन
शनि09:2110:22दिन
गुरु10:2211:23दिन
मंगल11:2312:24दिन
सूर्य12:2413:25दिन
शुक्र13:2514:26दिन
बुध14:2615:27दिन
चंद्र15:2716:29दिन
शनि16:2917:30दिन
गुरु17:3018:31दिन
मंगल18:3119:30रात
सूर्य19:3020:29रात
शुक्र20:2921:28रात
बुध21:2822:27रात
चंद्र22:2723:25रात
शनि23:2500:24रात
गुरु00:2401:23रात
मंगल01:2302:22रात
सूर्य02:2203:21रात
शुक्र03:2104:20रात
बुध04:2005:19रात
चंद्र05:1906:18रात

अयनांश 24.2511° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।