28 मार्च 2028 को प्रयागराज का चौघड़िया

मंगलवार, 28 मार्च 2028, प्रयागराज, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 28 मार्च 2028 को प्रयागराज में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (13:03 तक), नक्षत्र अश्विनी (23:30 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:12 से 16:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:17
रात 05:56 तक
तिथि
द्वितीया, 13:03 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 23:30 तक
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:58 – 07:30टालें
उद्वेग07:30 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 12:07शुभ
अमृत12:07 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:12टालें
शुभ15:12 – 16:45शुभ
रोग16:45 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:44टालें
लाभ19:44 – 21:12शुभ
उद्वेग21:12 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:07शुभ
अमृत00:07 – 01:34शुभ
चर01:34 – 03:02सामान्य
रोग03:02 – 04:29टालें
काल04:29 – 05:56टालें

28 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 13:03 तक
शुक्ल तृतीया 13:58, 29 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 00:51, 30 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:39, 29 मार्च तक
विष्कंभअशुभ 03:07, 30 मार्च तक
करण
कौलव 13:03 तक
तैतिल 01:34, 29 मार्च तक
गर 13:58, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
06:48
चंद्रास्त
20:19
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:12 – 16:45
यमगंड
09:02 – 10:35
गुलिक काल
12:07 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5806:59दिन
सूर्य06:5908:01दिन
शुक्र08:0109:02दिन
बुध09:0210:04दिन
चंद्र10:0411:06दिन
शनि11:0612:07दिन
गुरु12:0713:09दिन
मंगल13:0914:11दिन
सूर्य14:1115:12दिन
शुक्र15:1216:14दिन
बुध16:1417:15दिन
चंद्र17:1518:17दिन
शनि18:1719:15रात
गुरु19:1520:14रात
मंगल20:1421:12रात
सूर्य21:1222:10रात
शुक्र22:1023:08रात
बुध23:0800:07रात
चंद्र00:0701:05रात
शनि01:0502:03रात
गुरु02:0303:02रात
मंगल03:0204:00रात
सूर्य04:0004:58रात
शुक्र04:5805:56रात

अयनांश 24.2515° (लाहिड़ी)। समय प्रयागराज (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।