10 नवंबर 2029 को प्रयागराज का चौघड़िया

शनिवार, 10 नवंबर 2029, प्रयागराज, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 नवंबर 2029 को प्रयागराज में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (19:14 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:36 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 09:01 से 10:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:16
रात 06:17 तक
तिथि
पंचमी, 19:14 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:36 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:16 – 07:38टालें
शुभ07:38 – 09:01शुभ
रोग09:01 – 10:23टालें
उद्वेग10:23 – 11:46टालें
चर11:46 – 13:08सामान्य
लाभ13:08 – 14:31शुभ
अमृत14:31 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:16 – 18:53शुभ
उद्वेग18:53 – 20:31टालें
शुभ20:31 – 22:09शुभ
अमृत22:09 – 23:46शुभ
चर23:46 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 03:01टालें
काल03:01 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:17शुभ

10 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 19:14 तक
शुक्ल षष्ठी 18:11, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:22, 11 नव॰ तक
योग
धृति 16:31 तक
शूलअशुभ 14:24, 11 नव॰ तक
करण
बव 08:03 तक
बालव 19:14 तक
कौलव 06:37, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 05:28, 11 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
10:24
चंद्रास्त
21:25
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:01 – 10:23
यमगंड
13:08 – 14:31
गुलिक काल
06:16 – 07:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1607:11दिन
गुरु07:1108:06दिन
मंगल08:0609:01दिन
सूर्य09:0109:56दिन
शुक्र09:5610:51दिन
बुध10:5111:46दिन
चंद्र11:4612:41दिन
शनि12:4113:36दिन
गुरु13:3614:31दिन
मंगल14:3115:26दिन
सूर्य15:2616:21दिन
शुक्र16:2117:16दिन
बुध17:1618:21रात
चंद्र18:2119:26रात
शनि19:2620:31रात
गुरु20:3121:36रात
मंगल21:3622:41रात
सूर्य22:4123:46रात
शुक्र23:4600:51रात
बुध00:5101:56रात
चंद्र01:5603:01रात
शनि03:0104:06रात
गुरु04:0605:12रात
मंगल05:1206:17रात

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय प्रयागराज (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।