3 अक्टूबर 2025 को पुणे का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (18:33 तक), नक्षत्र श्रवण (09:34 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 10:53 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:21
रात 06:25 तक
तिथि
एकादशी, 18:33 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण, 09:34 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:25 – 07:55सामान्य
लाभ07:55 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:53शुभ
काल10:53 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 13:52शुभ
रोग13:52 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:51टालें
चर16:51 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:51टालें
काल19:51 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:23टालें
शुभ00:23 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:24शुभ
चर03:24 – 04:55सामान्य
रोग04:55 – 06:25टालें

3 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 18:33 तक
शुक्ल द्वादशी 17:09, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:34 तक
धनिष्ठा 09:09, 4 अक्टू॰ तक
योग
धृति 21:45 तक
शूलअशुभ 19:26, 4 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 06:58 तक
विष्टि (भद्रा) 18:33 तक
बव 05:57, 4 अक्टू॰ तक
बालव 17:09, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 21:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
15:45
चंद्रास्त
02:27
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
10:53 – 12:23
यमगंड
15:22 – 16:51
गुलिक काल
07:55 – 09:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2507:25दिन
बुध07:2508:24दिन
चंद्र08:2409:24दिन
शनि09:2410:24दिन
गुरु10:2411:23दिन
मंगल11:2312:23दिन
सूर्य12:2313:23दिन
शुक्र13:2314:22दिन
बुध14:2215:22दिन
चंद्र15:2216:22दिन
शनि16:2217:21दिन
गुरु17:2118:21दिन
मंगल18:2119:21रात
सूर्य19:2120:22रात
शुक्र20:2221:22रात
बुध21:2222:22रात
चंद्र22:2223:23रात
शनि23:2300:23रात
गुरु00:2301:23रात
मंगल01:2302:24रात
सूर्य02:2403:24रात
शुक्र03:2404:25रात
बुध04:2505:25रात
चंद्र05:2506:25रात

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।