30 जुलाई 2026 को पुणे का चौघड़िया

गुरुवार, 30 जुलाई 2026, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (21:30 तक), नक्षत्र श्रवण (17:43 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 14:18 से 15:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 19:10
रात 06:11 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 17:43 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:11 – 07:48शुभ
रोग07:48 – 09:26टालें
उद्वेग09:26 – 11:03टालें
चर11:03 – 12:40सामान्य
लाभ12:40 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:55शुभ
काल15:55 – 17:33टालें
शुभ17:33 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:10 – 20:33शुभ
चर20:33 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:18टालें
काल23:18 – 00:41टालें
लाभ00:41 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:26टालें
शुभ03:26 – 04:49शुभ
अमृत04:49 – 06:11शुभ

30 जुलाई 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 21:30 तक
कृष्ण द्वितीया 22:32, 31 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:43 तक
धनिष्ठा 19:27, 31 जुल॰ तक
योग
आयुष्मान 00:05, 31 जुल॰ तक
सौभाग्य 23:54, 31 जुल॰ तक
करण
बालव 08:51 तक
कौलव 21:30 तक
तैतिल 10:04, 31 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
19:50
चंद्रास्त
06:36
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
14:18 – 15:55
यमगंड
06:11 – 07:48
गुलिक काल
09:26 – 11:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1107:16दिन
मंगल07:1608:21दिन
सूर्य08:2109:26दिन
शुक्र09:2610:31दिन
बुध10:3111:36दिन
चंद्र11:3612:40दिन
शनि12:4013:45दिन
गुरु13:4514:50दिन
मंगल14:5015:55दिन
सूर्य15:5517:00दिन
शुक्र17:0018:05दिन
बुध18:0519:10दिन
चंद्र19:1020:05रात
शनि20:0521:00रात
गुरु21:0021:55रात
मंगल21:5522:50रात
सूर्य22:5023:45रात
शुक्र23:4500:41रात
बुध00:4101:36रात
चंद्र01:3602:31रात
शनि02:3103:26रात
गुरु03:2604:21रात
मंगल04:2105:16रात
सूर्य05:1606:11रात

अयनांश 24.2283° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।