31 मई 2027 को पुणे का चौघड़िया

सोमवार, 31 मई 2027, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 31 मई 2027 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:03 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (12:35 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 07:36 से 09:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 19:07
रात 05:57 तक
तिथि
दशमी, 10:03 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 12:35 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:57 – 07:36शुभ
काल07:36 – 09:14टालें
शुभ09:14 – 10:53शुभ
रोग10:53 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 14:10टालें
चर14:10 – 15:49सामान्य
लाभ15:49 – 17:28शुभ
अमृत17:28 – 19:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:07 – 20:28सामान्य
रोग20:28 – 21:49टालें
काल21:49 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 01:53टालें
शुभ01:53 – 03:14शुभ
अमृत03:14 – 04:36शुभ
चर04:36 – 05:57सामान्य

31 मई 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:03 तक
कृष्ण एकादशी 09:40, 1 जून तक
नक्षत्र
रेवती 12:50, 1 जून तक
योग
आयुष्मान 02:08, 1 जून तक
सौभाग्य 00:22, 2 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:03 तक
बव 21:57 तक
बालव 09:40, 1 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
02:07
चंद्रास्त
14:49
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
07:36 – 09:14
यमगंड
10:53 – 12:32
गुलिक काल
14:10 – 15:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5707:03दिन
शनि07:0308:09दिन
गुरु08:0909:14दिन
मंगल09:1410:20दिन
सूर्य10:2011:26दिन
शुक्र11:2612:32दिन
बुध12:3213:38दिन
चंद्र13:3814:43दिन
शनि14:4315:49दिन
गुरु15:4916:55दिन
मंगल16:5518:01दिन
सूर्य18:0119:07दिन
शुक्र19:0720:01रात
बुध20:0120:55रात
चंद्र20:5521:49रात
शनि21:4922:43रात
गुरु22:4323:38रात
मंगल23:3800:32रात
सूर्य00:3201:26रात
शुक्र01:2602:20रात
बुध02:2003:14रात
चंद्र03:1404:09रात
शनि04:0905:03रात
गुरु05:0305:57रात

अयनांश 24.2400° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।