4 दिसंबर 2027 को पुणे का चौघड़िया

शनिवार, 4 दिसंबर 2027, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 दिसंबर 2027 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (18:56 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:41, 5 दिस॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 09:38 से 11:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 17:57
रात 06:52 तक
तिथि
षष्ठी, 18:56 तक
सप्तमी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:52 – 08:15टालें
शुभ08:15 – 09:38शुभ
रोग09:38 – 11:01टालें
उद्वेग11:01 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:47सामान्य
लाभ13:47 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:33शुभ
काल16:33 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:57 – 19:33शुभ
उद्वेग19:33 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:47शुभ
अमृत22:47 – 00:24शुभ
चर00:24 – 02:01सामान्य
रोग02:01 – 03:38टालें
काल03:38 – 05:15टालें
लाभ05:15 – 06:52शुभ

4 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 18:56 तक
शुक्ल सप्तमी 21:37, 5 दिस॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 08:41, 5 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 05:17, 5 दिस॰ तक
हर्षण 06:10, 6 दिस॰ तक
करण
तैतिल 18:56 तक
गर 08:18, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 19:07 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
11:31
चंद्रास्त
23:17
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
09:38 – 11:01
यमगंड
13:47 – 15:10
गुलिक काल
06:52 – 08:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5207:47दिन
गुरु07:4708:42दिन
मंगल08:4209:38दिन
सूर्य09:3810:33दिन
शुक्र10:3311:29दिन
बुध11:2912:24दिन
चंद्र12:2413:19दिन
शनि13:1914:15दिन
गुरु14:1515:10दिन
मंगल15:1016:06दिन
सूर्य16:0617:01दिन
शुक्र17:0117:57दिन
बुध17:5719:01रात
चंद्र19:0120:06रात
शनि20:0621:10रात
गुरु21:1022:15रात
मंगल22:1523:20रात
सूर्य23:2000:24रात
शुक्र00:2401:29रात
बुध01:2902:34रात
चंद्र02:3403:38रात
शनि03:3804:43रात
गुरु04:4305:48रात
मंगल05:4806:52रात

अयनांश 24.2471° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।