22 नवंबर 2028 को पुणे का चौघड़िया

बुधवार, 22 नवंबर 2028, पुणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 नवंबर 2028 को पुणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:46 तक), नक्षत्र श्रवण (00:34, 23 नव॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 12:20 से 13:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:56
रात 06:45 तक
तिथि
षष्ठी, 14:46 तक
सप्तमी
नक्षत्र
श्रवण, 00:34 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:45 – 08:09शुभ
अमृत08:09 – 09:32शुभ
काल09:32 – 10:56टालें
शुभ10:56 – 12:20शुभ
रोग12:20 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:08टालें
चर15:08 – 16:32सामान्य
लाभ16:32 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:56 – 19:32टालें
शुभ19:32 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:44शुभ
चर22:44 – 00:21सामान्य
रोग00:21 – 01:57टालें
काल01:57 – 03:33टालें
लाभ03:33 – 05:09शुभ
उद्वेग05:09 – 06:45टालें

22 नवंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:46 तक
शुक्ल सप्तमी 16:38, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 00:34, 23 नव॰ तक
धनिष्ठा 03:06, 24 नव॰ तक
योग
वृद्धि 18:22 तक
ध्रुव 18:44, 23 नव॰ तक
करण
तैतिल 14:46 तक
गर 03:38, 23 नव॰ तक
वणिज 16:38, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
11:40
चंद्रास्त
23:21
दिनमान
11h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:20 – 13:44
यमगंड
08:09 – 09:32
गुलिक काल
10:56 – 12:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4507:41दिन
चंद्र07:4108:37दिन
शनि08:3709:32दिन
गुरु09:3210:28दिन
मंगल10:2811:24दिन
सूर्य11:2412:20दिन
शुक्र12:2013:16दिन
बुध13:1614:12दिन
चंद्र14:1215:08दिन
शनि15:0816:04दिन
गुरु16:0417:00दिन
मंगल17:0017:56दिन
सूर्य17:5619:00रात
शुक्र19:0020:04रात
बुध20:0421:08रात
चंद्र21:0822:12रात
शनि22:1223:16रात
गुरु23:1600:21रात
मंगल00:2101:25रात
सूर्य01:2502:29रात
शुक्र02:2903:33रात
बुध03:3304:37रात
चंद्र04:3705:41रात
शनि05:4106:45रात

अयनांश 24.2607° (लाहिड़ी)। समय पुणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।