10 जनवरी 2025 को पुरी का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (10:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (13:45 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 10:31 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:24
रात 06:23 तक
तिथि
एकादशी, 10:20 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 13:45 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:46सामान्य
लाभ07:46 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:31शुभ
काल10:31 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:16शुभ
रोग13:16 – 14:39टालें
उद्वेग14:39 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:24 – 19:02टालें
काल19:02 – 20:39टालें
लाभ20:39 – 22:17शुभ
उद्वेग22:17 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:31शुभ
अमृत01:31 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:46सामान्य
रोग04:46 – 06:23टालें

10 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 10:20 तक
शुक्ल द्वादशी 08:22, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:29, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 14:36 तक
शुक्ल 11:48, 11 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:20 तक
बव 21:20 तक
बालव 08:22, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
13:52
चंद्रास्त
02:41
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
10:31 – 11:54
यमगंड
14:39 – 16:02
गुलिक काल
07:46 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:18दिन
बुध07:1808:13दिन
चंद्र08:1309:08दिन
शनि09:0810:04दिन
गुरु10:0410:59दिन
मंगल10:5911:54दिन
सूर्य11:5412:49दिन
शुक्र12:4913:44दिन
बुध13:4414:39दिन
चंद्र14:3915:34दिन
शनि15:3416:29दिन
गुरु16:2917:24दिन
मंगल17:2418:29रात
सूर्य18:2919:34रात
शुक्र19:3420:39रात
बुध20:3921:44रात
चंद्र21:4422:49रात
शनि22:4923:54रात
गुरु23:5400:59रात
मंगल00:5902:04रात
सूर्य02:0403:09रात
शुक्र03:0904:13रात
बुध04:1305:18रात
चंद्र05:1806:23रात

अयनांश 24.2066° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।